बस जाऊँ एक याद बन कर..

जी करता है कि अपनी सांसों को अलविदा कह कर हम बस जाएं आपके रग-रग में, सांस बनकर और शामिल हो जाऊँ धड़कन बन कर, शामिल हो जाऊँ आपके जेहन में दुआ बन कर,  एक हसीन याद बनकर।
शामिल हो जाऊँ उन गुजारे लम्हों की चाह बनकर.. टूटती सांसो की डोर बन कर..

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